Bcom 2nd Year Labour notes

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Bcom 2nd Year Labour notes

प्रश्न 1. मजदूरी सूची बनाने की विधि को स्पष्ट करो।। Describe the procedure for the preparation of wages-sheet. 

पारिश्रमिक भुगतान की पद्धतियाँ , 

(Methods of Wages Payment)

कारखाने में कोई श्रमिक इसलिये कार्य करता है कि उसे उसके कार्य का उचित पारिश्रमिक प्राप्त होता है जिससे वह अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है । श्रमिकों की कार्यक्षमता अन्य बातों के अतिरिक्त उन्हें मिलने वाले पारिश्रमिक पर निर्भर करती है।

अन्य कारखानों की तुलना में अधिक है तो योग्य,अनुभवी एवं कुशल श्रमिकों को आकर्षित किया . जा सकता है । इसके विपरीत यदि पारिश्रमिक अन्य कारखानों की तुलना से कम है तो अच्छे 

श्रमिक सेवा छोड़कर चले जायेंगे,श्रम निकासी की दर ऊँची होगी तथा श्रमिकों की कार्यक्षमता भी कम होगी। अत: श्रमिकों को उचित मात्रा में पारिश्रमिक दिया जाना अति आवश्यक है यदि उनकी अदूरदर्शिता का ही परिचायक नियोक्ता यह समझते हैं कि श्रमिकों को कम पारिश्रमिक देकर वे अधिक लाभ अधिक लाभ कमा सकेंगे तो यह अदूरदर्शिता का ही परिचायक होगा और दीर्घकाल में वे उनकी हानियों को अवश्य याद उचित समय पर उनके पारिश्रमिक में आवश्यक वद्धि न हई तो श्रमिको मे असन्तोष पदा होता है तथा हडताल आदि भी हो जाती है। कभी-कभी संघर्ष अपनी चरम रखान को बन्द कराने की स्थिति तक पैदा कर देता है। अत: पारिश्रमिक भुगतान की पद्धति एसा होनी चाहिये कि श्रमिक को अधिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त हो,श्रमिर्को एवं नियोक्ताओं कमध्य मधुर सम्बन्ध रहे तथा श्रमिक कार्य को अपना समझकर करें जिससे समय, यन्त्र एवं सामग्री का सदुपयोग हो। 

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प्रश्न 2. श्रमिकों को पारिश्रमिक देने की ‘हाल्से प्रब्याजि पद्धति’ की व्याख्या कीजिये ।

Explain the ‘Halsey Premium Plan’ of remunerating labour. 

हाल्से प्रब्याजि योजना (Halsey Premium Plan)

इस पद्धति को ज्ञात करने का श्रेय कनाडा निवासी श्री एफ. ए. हाल्से को है। यह पद्धति सन् 1890 में अमेरिका में चालू की गई थी। इस पद्धति में प्रत्येक श्रमिक को जितने समय या घण्टे उसने काम किया है उसकी निश्चित दर से वेतन दिया जाता है । प्रत्येक कार्य का प्रमापित समय (Standard time) पहले से निर्धारित कर दिया जाता है । यदि श्रमिक प्रमापित समय या उससे अधिक समय में कार्य करता है तो उसे केवल उतने समय की मजदूरी मिलती है। यदि वह प्रमापित समय से पूर्व काम समाप्त कर लेता है तो जितने समय काम किया (Time taken) उसका वेतन तथा जितना समय बचता है (Time saved) उसके निश्चित अनुपात 331% से 50%) का उसे अतिरिक्त वेतन बोनस के रूप में मिलता है। 

हाल्से वीइर योजना (Halsey Weir Scheme) में प्रीमियर बचाये हुए समय की मजदूरी का 60% होता है,शेष योजना हाल्से योजना जैसी रहती है। हाल्से योजना की विशेषतायें निम्न हैं: 

(1) प्रत्येक कार्य के लिए प्रमापित समय अथवा निश्चित समय में प्रमापित उत्पादन पहले ही निर्धारित कर दिया जाता है और श्रमिकों को सूचित कर दिया जाता है। 

(2) जितने समय श्रमिकों ने काम किया है उसकी मजदूरी सबको दी जाती है। 

(3) जो श्रमिक प्रमाप से अधिक उत्पादन करते हैं, अथवा प्रमापित समय से पहले उत्पादन पूरा कर लेते हैं, उन्हें बचाये हुए समय की मजदूरी का 331 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त पारिश्रमिक बोनस के रूप में दिया जाता है। Bcom 2nd Year Labour notes

प्रश्न 4. सामान्य तथा असामान्य कार्यहीन काल में भेद बताइये। आप प्रत्येक का परिव्यय लेखों में कैसे लेखा करेंगे?

Distinguish between Normal and Abnormal Idle time. How would you deal with each one of them in cost account? 

सामान्य कार्यहीन समय (Normal Idle time)

ऐसी समय की बर्बादी जिसे टाला नहीं जा सकता तथा जिसे कार्य की प्रकृति के अनुसार समाप्त भी नहीं किया जा सकता,सामान्य कार्यहीन समय कहते हैं। जैसे कार्य के बीच मशीन के आवश्यक समायोजन करने में लगने वाला समय एक कार्य समाप्त करके दूसरा कार्य प्राप्त करने में लगने वाला समय, कारखाने के प्रवेश द्वारा से कार्यस्थल तक पहुँचने का समय आदि । इस प्रकार की समय की क्षति को जानकारी होते हए भी नहीं रोका जा सकता। । सामान्य कार्यहीन समय की मजदूरी को लात लेखों में उपरिव्ययों के रूप में चार्ज किया जा सकता है अथवा प्रत्यक्ष मजदूरी के रूप में चार्ज किया जा सकता है। 

असाधारण कार्यहीन समय 

(Abnormal idle time)

समय की ऐसी क्षति जो आकस्मिक घटनाओं के कारण उत्पन्न होती है, उसे असाधारण कार्यहीन समय कहते हैं। जैसे- हड़ताल, तालाबन्दी, पावर सप्लाई ना मिल पाना, सामग्री उपलब्ध ना होना, प्लान्ट या मशीन का अचानक खराब हो जाना, आदि ऐसे कारण हैं जिनसे असाधारण कार्यहीन समय की उत्पत्ति होती है। इस कार्यहीन समय की हानि को प्रबन्ध के द्वारा रोका जा सकता है। लागत लेखों में असाधरण हानियों को शामिल नहीं किया जाता। अतः असाधारण कार्यहीन समय की मजदूरी को उत्पादन लागत में सम्मिलित न करते हुए लागत लाभ-हानि खाते में चार्ज किया जाता है। 

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