Ba 2nd Year Political Science Question paper

Ba 2nd Year Political Science Question paper (A-238) B.A. Il Year Political Science, 2018 B.A. II Year Examination, 2018 (Unified Syllabus) Political Science-III An Out Line History of Western Political Thought Note : … प्रश्न-पत्र को पाँच खण्डों-अ, ब, स, Read More …

ba 2nd year history question paper 2020

ba 2nd year history question paper 2020 Welcome to dreamlife24.com. we are presented to you ba 2nd year history question paper 2020 in this article you find all Indian History and best way how to prepare your exam and you Read More …

Immortal Pride of Indian Revolutionaries: Cellular Jail and Kalapani Punishment

Immortal Pride of Indian Revolutionaries: Cellular Jail and Kalapani Punishment भारतीय क्रान्तिवीरों की अमर गौरवगाथा : सेल्यूलर जेल और कालेपानी की सजा भारत के क्रान्तिकारियों द्वारा आजादी के लिए लड़ी गई लड़ाई वास्तव में रोंगटे खड़े कर देने वाली अविस्मरणीय Read More …

Swadeshi Movement in India

स्वदेशी आन्दोलन (Swadeshi Movement In India) सफल स्वदेशी आन्दोलन भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन का एक महत्त्वपूर्ण आन्दोलन, रणनीति व दर्शन था। स्वदेशी का अर्थ है-‘अपने देश का’। इस रणनीति के लक्ष्य ब्रिटेन में बने माल का बहिष्कार करना तथा भारत में Read More …

Extremist Movement in Hindi

गरमपंथी आन्दोलन ( Extremist Movement in hindi) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारम्भिक चरण में नेतृत्व नरम राष्ट्रवादियों के हाथ में रहा, जो अपने वांछित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु संवैधानिक साधनों के प्रयोग में विश्वास करते थे। लेकिन 1885 ई० से Read More …

First phase of congress – Moderate era

कांग्रेस का प्रथम चरण : नरमपंथी युग (First phase of congress – Moderate era) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का प्रथम चरण कांग्रेस का शैशवकाल कहा जाता है। 1885 से 1905 ई० की अवधि में कांग्रेस का राष्ट्रीय संस्था के रूप में Read More …

Origin of Indian national congress

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उद्भव (Origin of Indian national congress) इस पृष्ठभूमि में 1884 ई० में ‘थियोसोफिकल सोसायटी’ का सम्मेलन हुआ, जिसमें भारत के प्रमुख व्यक्तियों ने एक राष्ट्रीय संस्था की स्थापना को मूर्त रूप देने का प्रयत्न किया। दिसम्बर Read More …

Goverment of India act – 1858, 1892, 1919 and 1935

Goverment of India act – 1858, 1892, 1919 and 1935 भारत शासन अधिनियम, 1858 30 मार्च, 1858 को स्टैनली द्वारा प्रस्तुत चौदह प्रस्तावों को कॉमन सभा ने पारित किया। इन प्रस्तावों के आधार पर 1858 ई० में भारत सरकार अधिनियम Read More …

Lord curzon time period (1899-1905)

लॉर्ड कर्जन 1899-1905 (Lord curzon time period) कुछ ऐसे लॉर्ड कर्जन एक परिश्रमी तथा योग्य प्रशासक था। वह 1899 ई० से 1905 ई० तक भारत में अंग्रेजी साम्राज्य का वायसराय रहा। उसने सुधार तो बहुत किए, परन्तु उसने भी सुधार Read More …

Lord Ripon policies (1880-1884)

लॉर्ड रिपन 1880-1884 (Lord Ripon policies (1880-1884) भारतीय इतिहास के कुछ सर्वाधिक लोकप्रिय और उदार वायसरायों में लॉर्ड रिपन भी एक था, जिसे भारतीयों की सहानुभूति व प्रशंसा प्राप्त हुई थी। वह 1880 ई० से 1884 ई० तक भारत में Read More …

Lord Lytton policies in hindi

लॉर्ड लिटन 1876-1880 ( Lord Lytton policies in hindi 1876-1880 ) नियुक्ति के समय लॉर्ड लिटन का प्रशासकीय अनुभव काफी था। वह एक महान् लेखक तथा प्रतिभावान् वक्ता था। उसे डिजरैली ने विशेष रूप से अफगानिस्तान के प्रति नई वीरतापूर्ण Read More …

Lord canning, Lytton, ripon and lone’s Policy

लॉर्ड कैनिंग, लिटन, रिपन और कर्जन की नीतियाँ ( Lord canning, Lytton, ripon and lone’s Policy ) लॉर्ड कैनिंग और 1858 लॉर्ड कैनिंग के समय की सबसे महत्त्वपूर्ण घटना गदर था, जो 1857 में आरम्भ हुआ दबा दिया गया। इतना Read More …

Revolution of 1857

1857 की क्रान्ति (Revolution of 1857 उन्नीसवीं शताब्दी के आरम्भ में जब शिक्षित भारतीयों को फ्रांस की क्रान्ति, यूनान के स्वाधीनता संग्राम, इटली तथा जर्मनी के एकीकरण आदि बातों की जानकारी मिली, तो उनमें भी अंग्रेजी शासन से मुक्ति पाने Read More …

Meaning of Famine Notes

अकाल का अर्थ (Meaning of Famine) अकाल आयोग’ (1867 ई०) के अनुसार, “अकाल का तात्पर्य संख्या के बहुत बड़े वर्ग का भूख द्वारा पीड़ित होना है।” ‘एन्साइक्लोपीडिया ऑफ सोशल साइंसेज’ ने अकाल को इस प्रकार से परिभाषित किया है, “अकाल Read More …

Mahalwari System

महालवाड़ी प्रणाली यह प्रणाली सर्वप्रथम 1833 ई० में रेगुलेशन एक्ट’ के अन्तर्गत आगरा तथा अवध के प्रान्तों में लागू की गई। तत्पश्चात् पंजाब तथा मध्य भारत में इसे शुरू कर दिया गया। इस प्रणाली के अन्तर्गत गाँव की समस्त भूमि Read More …