Immortal Pride of Indian Revolutionaries: Cellular Jail and Kalapani Punishment

Immortal Pride of Indian Revolutionaries: Cellular Jail and Kalapani Punishment भारतीय क्रान्तिवीरों की अमर गौरवगाथा : सेल्यूलर जेल और कालेपानी की सजा भारत के क्रान्तिकारियों द्वारा आजादी के लिए लड़ी गई लड़ाई वास्तव में रोंगटे खड़े कर देने वाली अविस्मरणीय गौरवगाथा है। देश के असंख्य किशोर-किशोरियों, युवक और नवयौवनाओं ने अपना सर्वस्व देश की खातिर … Read more

Swadeshi Movement in India

स्वदेशी आन्दोलन (Swadeshi Movement In India) सफल स्वदेशी आन्दोलन भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन का एक महत्त्वपूर्ण आन्दोलन, रणनीति व दर्शन था। स्वदेशी का अर्थ है-‘अपने देश का’। इस रणनीति के लक्ष्य ब्रिटेन में बने माल का बहिष्कार करना तथा भारत में बने माल का अधिकाधिक प्रयोग करके साम्राज्यवादी ब्रिटेन को आर्थिक हानि पहुँचाना व भारत के … Read more

Extremist Movement in Hindi

गरमपंथी आन्दोलन ( Extremist Movement in hindi) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारम्भिक चरण में नेतृत्व नरम राष्ट्रवादियों के हाथ में रहा, जो अपने वांछित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु संवैधानिक साधनों के प्रयोग में विश्वास करते थे। लेकिन 1885 ई० से 1905 ई० के बीच के काल में भारत और विदेशों में कुछ ऐसी घटनाएँ घटित … Read more

First phase of congress – Moderate era

कांग्रेस का प्रथम चरण : नरमपंथी युग (First phase of congress – Moderate era) भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का प्रथम चरण कांग्रेस का शैशवकाल कहा जाता है। 1885 से 1905 ई० की अवधि में कांग्रेस का राष्ट्रीय संस्था के रूप में क्रमिक विकास हुआ तथा धीरे-धीरे उसकी नीतियों एवं कार्यक्रमों का विकास हुआ। इस अवधि में … Read more

Origin of Indian national congress

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उद्भव (Origin of Indian national congress) इस पृष्ठभूमि में 1884 ई० में ‘थियोसोफिकल सोसायटी’ का सम्मेलन हुआ, जिसमें भारत के प्रमुख व्यक्तियों ने एक राष्ट्रीय संस्था की स्थापना को मूर्त रूप देने का प्रयत्न किया। दिसम्बर 1884 ई० में ‘इण्डियन नेशनल यूनियन’ नामक संस्था की स्थापना की गई। इस यूनियन ने … Read more

Goverment of India act – 1858, 1892, 1919 and 1935

Goverment of India act – 1858, 1892, 1919 and 1935 भारत शासन अधिनियम, 1858 30 मार्च, 1858 को स्टैनली द्वारा प्रस्तुत चौदह प्रस्तावों को कॉमन सभा ने पारित किया। इन प्रस्तावों के आधार पर 1858 ई० में भारत सरकार अधिनियम का प्रारूप तैयार हुआ और अन्त में ब्रिटिश संसद के द्वारा इसे विधेयक के रूप … Read more

Lord curzon time period (1899-1905)

लॉर्ड कर्जन 1899-1905 (Lord curzon time period) कुछ ऐसे लॉर्ड कर्जन एक परिश्रमी तथा योग्य प्रशासक था। वह 1899 ई० से 1905 ई० तक भारत में अंग्रेजी साम्राज्य का वायसराय रहा। उसने सुधार तो बहुत किए, परन्तु उसने भी सुधार किए जो भारतीय जनता को अरुचिकर प्रतीत हुए और उसकी लोकप्रियता में काफी गिरावट आ … Read more

Lord Ripon policies (1880-1884)

लॉर्ड रिपन 1880-1884 (Lord Ripon policies (1880-1884) भारतीय इतिहास के कुछ सर्वाधिक लोकप्रिय और उदार वायसरायों में लॉर्ड रिपन भी एक था, जिसे भारतीयों की सहानुभूति व प्रशंसा प्राप्त हुई थी। वह 1880 ई० से 1884 ई० तक भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का वायसराय रहा। उसकी लोकप्रियता का रहस्य यह था कि उसने प्रथम बार … Read more

Lord Lytton policies in hindi

लॉर्ड लिटन 1876-1880 ( Lord Lytton policies in hindi 1876-1880 ) नियुक्ति के समय लॉर्ड लिटन का प्रशासकीय अनुभव काफी था। वह एक महान् लेखक तथा प्रतिभावान् वक्ता था। उसे डिजरैली ने विशेष रूप से अफगानिस्तान के प्रति नई वीरतापूर्ण विदेश नीति का उद्घाटन करने के लिए भेजा था। यहाँ इतना कहना पर्याप्त है कि … Read more

Lord canning, Lytton, ripon and lone’s Policy

लॉर्ड कैनिंग, लिटन, रिपन और कर्जन की नीतियाँ ( Lord canning, Lytton, ripon and lone’s Policy ) लॉर्ड कैनिंग और 1858 लॉर्ड कैनिंग के समय की सबसे महत्त्वपूर्ण घटना गदर था, जो 1857 में आरम्भ हुआ दबा दिया गया। इतना होते हुए भी कि क्रान्तिकारी अंग्रेजी सम्पत्ति तथा प्राण-हानि के लिए उत्तरदायी थे और इस … Read more