Bcom 2nd Year Operating cost notes

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Bcom 2nd Year Operating cost notes

परिचालन लागत का अर्थ

Meaning of operating cost

अनेक संस्थायें वस्तुओं का उत्पादन नहीं करतीं, बल्कि कुछ सेवाएँ प्रदान करती है। उदाहरण के लिए,रेलवे (Railways),मोटर कम्पनियाँ,ट्रामवे (Tramways), वाटर-वर्स,गैस व बिजली कम्पनियाँ, अस्पताल,होटल,डाक व तार विभाग आदि वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते वरन् सेवायें प्रदान करते हैं । इन संस्थाओं में अधिकाँश व्यय स्थायी प्रकृति के होते हैं । मोटर यातायात कम्पनी यह जानना चाहती है कि एक टन माल एक किलोमीटर ले जाने की लागत क्या होगी। एक मोटर-बस सेवा अथवा रेलवे कम्पनी यह जानना चाहती है कि प्रति यात्री प्रति किलोमीटर ले जाने की लागत क्या होगी। इसी प्रकार एक विद्युत कम्पनी यह जानना चाहती है कि प्रति किलोवाट या प्रति इकाई विद्युत की लागत क्या होगी । जब तक लागत का सही ज्ञान नहीं होगा,प्रदान की गई सेवा का उचित मूल्य निर्धारित नहीं किया जा सकता। सेवा प्रदान करने वाली संस्थायें सेवा की संचालन लागत या कार्य-संचालन लागत (Operating cost or Workin or Running cost) ज्ञात करने के लिए परिचालन लागत पद्धति’ प्रयोग करती हैं । प्रति इकाई लागत,कुल व्ययों या कुल लागतों में इकाइयों की संख्या का भाग देकर ज्ञात की जा सकती है।

परिवहन लागत ज्ञात करने के उद्देश्य

Objects of Transport Costing

परिवहन संस्थायें विभिन्न भार, आकार व प्रकार के माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाती तथा ले जाती हैं ।ये संस्थायें जानना चाहती हैं कि एक क्विण्टल माल को एक किलोमीटर ले जाने की लागत क्या है ? जिससे भाड़े की दरें निर्धारित की जा सकें। इसके अतिरिक्त परिवहन लागत ज्ञात करने के निम्न उद्देश्य हो सकते हैं

(iv) मरम्मत एवं रखरखाव के खर्चों पर नियन्त्रण रखना। csscanneलागत इकाई (Cost Unit)-परिवहन लागत में एक क्विटल माल एक किलोमीटर ले एक इकाई के रूप में प्रयोग करते हैं, जिसे क्विटल/किलोमीटर (QL / km) कहते हैं जादि यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, तो एक यात्री को एक

लोमीटर ले जाने को इकाई के रूप में प्रयोग किया जाता है, जिसे “यात्री किलोमीटर

(Passenger/km.) कहते हैं।

मैट्रिक प्रणाली के प्रयोग से पूर्व ये इकाइयाँ “टन/मील” (ton/mile) तथा यात्री मील (Passenger/mile) कहलाती थीं।

लागत की गणना (Calculation of Cost)

वर्ष के समस्त स्थायी, संचालन तथा रखरखाव के व्ययों को जोड़कर, वर्ष में ढोये गये कुल माल के “कुल क्विटल/किलोमीटर” अथवा ले जाये गये समस्त यात्रियों के “कुल यात्री/किलोमीटर” से भाग दे दिया जाता है । गणना सूत्र इस प्रकार होगाः

परिवर्तनशील व्यय (Variable charges)-

ऐसे व्यय जो वाहन को सुरक्षित रखने तथा वाहन को चलाने पर होते हैं उन्हें इस वर्ग में रखा जाता है। जैसे- मरम्मत एवं अनुरक्षण व्यय चिकनाई पदार्थ,टायर ट्यूब,पैट्रोल,डीजल,ह्रास,सहायक व ड्राइवर का वेतन आदि।

एक इकाई के रूप में प्रयोग करते हैं, जिसे क्विटल/किलोमीटर (QL / km) कहते हैं जादि यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, तो एक यात्री को एक

लोमीटर ले जाने को इकाई के रूप में प्रयोग किया जाता है, जिसे “यात्री किलोमीटर

(Passenger/km.) कहते हैं।

मैट्रिक प्रणाली के प्रयोग से पूर्व ये इकाइयाँ “टन/मील” (ton/mile) तथा यात्री मील (Passenger/mile) कहलाती थीं।


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