Classification of Business Environment

8
9

Classification of Business Environment

निम्नलिखित शीर्षकों के आधार पर व्यावसायिक वातावरण का वर्गीकरण कर सकते हैं

(अ) आन्तरिक वातावरण (Internal Environment), .

(ब) बाहरी वातावरण (External Environment)।

Classification of Business Environment

(अ) आन्तरिक वातावरण

Internal Environment

प्रत्येक व्यावसायिक संस्था का अपना एक संगठन (Organization) होता है जिसके माध्यम से वह अपना व्यावसायिक कार्य सम्पन्न करती है। यह संगठन ही उसका ” वातावरण होता है। यह आन्तरिक वातावरण अथवा पर्यावरण दो प्रकार और (Formal) तथा अनौपचारिक (Informal) का होता है। व्यावसायिक आन्तरिक वाताव नियंत्रणीय होता है, जिसे व्यवसायी द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। इसके महत्त्वपर्ण अंग निम्नलिखित हैं-

(i) व्यवसाय के प्रमुख लक्ष्य एवं उद्देश्य,

(ii) व्यवसाय की विचारधारा. दर्शन – दृष्टिकोण,

(iii) व्यावहारिक आचार संहिता तथा नैतिक मानदण्ड,

(iv) कारखाने का वातावरण

(v) व्यावसायिक एवं प्रबन्धकीय नीतियाँ,

(vi) उत्पादन की तकनीकें एवं कार्य-विधियाँ

(vii) श्रम-प्रबन्ध सम्बन्ध,

(viii) प्रबन्ध का सूचना-तन्त्र और व्यवस्था,

(ix) संगठन की संरचना व डिजाइन,

(x) संसाधनों की उपलब्धता, कार्यशीलता तथा उपयोगिता।

उपर्युक्त सभी घटकों का सम्बन्ध व्यवसाय के आन्तरिक वातावरण से है, अर्थात ऐसा . वातावरण जो व्यवसायी अथवा फर्म के नियंत्रण में है। फर्म चाहे तो इन घटकों को अपने पक्ष में करके सफलता हासिल कर सकती है। इसमें समय-समय पर परिवर्तन भी होते रहते हैं. लेकिन जो भी परिवर्तन होते हैं. उन पर संस्था का पूर्ण नियन्त्रण होता है।

(ब) बाहरी वातावरण

External Environment

बाहरी वातावरण या पर्यावरण से आशय संस्था के सम्पर्क में आने वाले सम्पूर्ण बाह्य व्यावसायिक संसार से है। बाह्य वातावरण को दो वर्गों में विभक्त किया जा सकता है

(1) व्यवसाय का व्यष्टि परिवेश (Micro Environment),

(2) व्यवसाय का समष्टि परिवेश (Macro Environment)। ..

1. व्यवसाय का व्यष्टि परिवेश (Micro Environment)-

व्यष्टि परिवः सम्बन्धी घटक घनिष्ठता से कम्पनी के साथ जुड़े रहते हैं। सूक्ष्म शक्तियाँ आवश्यक रूप से . उद्योग की सभी फर्मों पर प्रभाव नहीं डालती हैं। ये किसी फर्म-विशेष पर ही प्रभाव डालता है। इस प्रकार के परिवेश में व्यवसाय के निकट वातावरण के निम्नलिखित कारकों का सामान किया जाता है जो ग्राहकों की सेवा करने में इसकी योग्यता को प्रभावित कर सकत

(i) ग्राहक,

(ii) प्रतिस्पर्धा,

(iii) पर्तिकर्ता,

(iv) जनता,

(v) माका

जैसे—विज्ञापन, रेडियो, टी०वी०, पत्रिकाएँ एवं सलाहकार इत्यादि।

2. व्यवसाय का समष्टि परिवेश (Macro Environment)

अन्तर्गत उन घटकों को शामिल किया जाता है जो एक व्यवसायी के नियंत्रण घटक दो प्रकार के होते हैं

(i) जनता,

(ii) मार्केटिंग चैनल;

vironment)-समष्टि परिवेश के व्यवसायी के नियंत्रण में नहीं होते हैं। ये

(क) आर्थिक घटक (Economic Factors),

(ख) अनार्थिक घटक (Non-economic Factors)।

आर्थिक घटक के अन्तर्गत निम्नलिखित कारकों को शामिल किया जाता है

(i) जनसंख्या सम्बन्धित परिवेश,

(ii) आर्थिक परिवेश,

(iii) तकनीकी परिवेश,

(iv) अन्तर्राष्ट्रीय परिवेश इत्यादि।

अनार्थिक घटक के अन्तर्गत निम्नलिखित कारकों को शामिल किया जाता है

(i) सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश,

(ii) राजनीतिक परिवेश,

(iii) भौतिक परिवेश

(a) प्राकृतिक संसाधन-भूमि, खनिज, जल इत्यादि,

(b) जलवायु, वर्षा, ठण्डक, नमी आदि,

(c) प्राकृतिक संरचना-विद्युत, सड़क मार्ग, रेल मार्ग, अन्य यातायात इत्यादि,

(iv) शैक्षिक वातावरण


Related post

1.Meaning and Definition of Business Environment Notes
2.Meaning of Social Injustice
3.Classification of Business Environment
4.New Five Yearly policy
5.Balance of Trade
6.Meaning of Poverty Notes
7.(Main factors Responsible for the Sickness of Small Scale Industries)
8.Meaning of Privatization
9.Regional Imbalance in India
10.Various Concepts Regarding Unemployment
11.Meaning of Industrial Policy Notes
12.Inflation discuss
13.National Income : Meaning and Definition
14.Meaning of the Problem of Black Money

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here